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कचनार गà¥à¤—à¥à¤—à¥à¤²- आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में कचनार गà¥à¤—à¥à¤—à¥à¤² कई औषधियों से मिलकर बनता है। इस औषणि का उपयोग हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² संतà¥à¤²à¤¨ के लिठहोता है। पीसीओà¤à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² असंतà¥à¤²à¤¨ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ है। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ जड़ी-बूटी है, जो हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² संतà¥à¤²à¤¨ बनाने और साइकल को नियमित रखने में मदद करती है।
1. अशà¥à¤µà¤—ंधा- अशà¥à¤µà¤—ंधा हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤²-संतà¥à¤²à¤¨ बनाठरखती है और पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाती है। यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤¯ को समà¥à¤šà¤¿à¤¤ आकार में लाकर उसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाने में मदद करती है।
2. अनार - अनार गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤¯ में खून के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को तेज करता है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤¯ की दीवारों को मोटा कर के गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को कम करने के लिठसहायक है। यह à¤à¥à¤°à¥‚ण के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास को बढ़ावा देता है ।
सेवनः अनार के बीज और छाल को बराबर मातà¥à¤°à¤¾ में मिलाकर इसका चूरà¥à¤£ बना लें और किसी à¤à¤¯à¤° टाइट जार में रख लें। कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के लिठदिन में 2 बार गरà¥à¤® पानी के à¤à¤• गिलास के साथ इस मिशà¥à¤°à¤£ का आधा चमà¥à¤®à¤š लें। आप ताजा अनार-फल à¤à¥€ खा सकते हैं, और अनार का ताज़ा रस à¤à¥€ पी सकते हैं।
3. दालचीनी- दालचीनी डिमà¥à¤¬-गà¥à¤°à¤‚थि के सही रूप से कारà¥à¤¯ करने में मदद कर सकती है।
सेवनः गरà¥à¤® पानी के à¤à¤• कप में, दालचीनी पाउडर का 1 चमà¥à¤®à¤š मिलाà¤à¤‚ । कà¥à¤› महीनों के लिठदिन में à¤à¤• बार इसे पीते रहें । इसके अलावा, अपने अनाज, दलिया, और दही पर à¤à¥€ दालचीनी पाउडर का छिड़काव करके इसे अपने आहार में शामिल करें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि इस मसाले का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— à¤à¤• दिन में 2 चमà¥à¤®à¤š से अधिक ना करें।
4. खजूर- यह गरà¥à¤ धारण करने के लिà¤, आपकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसमें कई पोषक ततà¥à¤µ होते हैं, जैसे कि:- विटामिन à¤, ई और बी लोहा और अनà¥à¤¯ ज़रूरी खनिज, जोकि à¤à¤• महिला को गरà¥à¤ धारण करने के लिठऔर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से लेकर बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® तक आवशà¥à¤¯à¤• हैं।
सेवनः 2 बड़े चमà¥à¤®à¤š कटे हà¥à¤ धनिठकी जड़ के साथ 10 से 12 खजूर (बीज के बिना) पीस लें। पेसà¥à¤Ÿ बनाने के लिठगाय के दूध के ¾ कप मिलाà¤à¤‚ और इसे उबाल लें। इसे पीने से पहले ठंडा होने दें। अपनी अंतिम माहवारी की तारीख से, à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के लिà¤, इसे दिन में à¤à¤• बार पीà¤à¤‚। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥-नाशà¥à¤¤à¥‡ के रूप में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 6-8 खजूर खाते रहें और दूध, दही और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯-पेय में à¤à¥€ कटे हà¥à¤ खजूर का समावेश करें।
5. विटामिन-डी - पà¥à¤°à¥ˆà¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी और à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने के लिठविटामिन डी बहà¥à¤¤ ही आवशà¥à¤¯à¤• है। वासà¥à¤¤à¤µ में विटामिन डी की कमी से बांà¤à¤ªà¤¨ और गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का कारण हो सकता है
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